गुरुग्राम की झुग्गी-झोपड़ियों तक पहुंचेगी ‘सेहत की गाड़ी’, CMO डॉ. लोकवीर सिंह ने चौथी मोबाइल मेडिकल यूनिट को दिखाई हरी झंडी

गुरुग्राम (हरियाणा), 26 फरवरी। अब गुरुग्राम के शहरी झुग्गी-झोपड़ियों और चुनिंदा मोहल्लों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। अनुभवी डॉक्टरों, आधुनिक जांच उपकरणों और प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ से सुसज्जित ‘सेहत की गाड़ी’ यानी चौथी मोबाइल मेडिकल यूनिट अब सीधे समुदाय के बीच पहुंचकर जांच, परामर्श और आवश्यक रेफरल की सुविधा उपलब्ध कराएगी।

सीएमओ कार्यालय से हुई पहल की शुरुआत

इस पहल की शुरुआत बृहस्पतिवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) एवं सिविल सर्जन डॉ. लोकवीर सिंह ने सीएमओ कार्यालय से हरी झंडी दिखाकर की। इस दौरान उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनुज गर्ग भी उपस्थित रहे। यह पहल स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में Population Services International India और Niva Bupa Health Insurance के सहयोग से शुरू की गई है। उल्लेखनीय है कि सोहना, पटौदी और फरीखनगर ब्लॉक में यह सेवा पहले ही शुरू की जा चुकी है।

तय रूट चार्ट के अनुसार मोहल्लों में पहुंचेगी यूनिट

सीएमओ डॉ. लोकवीर सिंह ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित न रहे। मोबाइल मेडिकल यूनिट एक निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार गुरुग्राम ब्लॉक के चयनित मोहल्लों में पहुंचेगी और वहां आम बीमारियों की जांच कर उचित परामर्श देगी। जरूरत पड़ने पर मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर करने में भी मदद की जाएगी।

इन बीमारियों की होगी जांच, मां-बच्चे के स्वास्थ्य पर विशेष फोकस

कार्यक्रम के तहत ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, थायरॉइड, डेंगू, मलेरिया सहित अन्य सामान्य बीमारियों की जांच की जाएगी। इसके साथ ही मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। समुदाय स्तर पर आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा आईडी) बनाने में भी सहयोग प्रदान किया जाएगा, ताकि लोगों को डिजिटल स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।

दूर-दराज और पिछड़े इलाकों के लिए कारगर पहल

उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनुज गर्ग ने कहा कि मोबाइल मेडिकल यूनिट जिले के दूर-दराज और पिछड़े क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगी। यह कार्यक्रम न केवल नियमित हेल्थ कैंप आयोजित करेगा, बल्कि पीरियड्स के दौरान स्वच्छता प्रबंधन को लेकर जागरूकता भी बढ़ाएगा।

ओपीडी, काउंसलिंग और जागरूकता गतिविधियां भी होंगी आयोजित

इस अवसर पर Niva Bupa Health Insurance के चीफ ह्यूमन रिसोर्स ऑफिसर एवं चीफ सस्टेनेबिलिटी ऑफिसर तरुण कत्याल अपनी टीम—ईवीपी एवं हेड क्लेम मैनेजमेंट डॉ. शांति बंसल, वाइस प्रेसिडेंट प्रियंका शर्मा और प्रोजेक्ट लीड निशा गाठिया—के साथ मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट के तहत मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से ओपीडी सेवाएं और परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही रिप्रोडक्टिव, मातृ, नवजात, बाल एवं किशोर स्वास्थ्य (आरएमएनसीएच), हाइजीन, न्यूट्रिशन और गैर-संचारी रोगों से जुड़ी जनजागरूकता गतिविधियां भी चलाई जाएंगी।

कार्यक्रम में Population Services International India के डायरेक्टर-प्रोग्राम इम्प्लीमेंटेशन हितेश साहनी सहित अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।

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